शिमला। नगर निगम के पार्षद ही नहीं चाहते हैं कि निगम में नए एरिया मर्ज हाें। ऐसे में हाउस में पार्षदाें ने इसका विराेध किया है। साेमवार काे नगर निगम का स्पेशल हाउस हुआ। इस हाउस में पार्षदों ने सदन में साफ कहा है कि जब वर्ष 2006 में कुछ वार्डों को मर्ज किया गया था, उन्हें अभी तक पूरी तरह से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में नए वार्डों को बनाने से क्या फायदा मिलेगा। पार्षदों ने कहा न्यू मर्ज एरिया की भूमि पंचायत से एमसी में ट्रांसफर नहीं हो पाई हैं।वहां पर कई कार्य करवाने में भी दिक्कत आ रही है। खास तौर पर विकास कार्यों काे करवाने में बाधा आ रही हैं। जिस पर पार्षदों ने एकमत होकर कहा है कि नए वार्ड बनाने से कोई फायदा नहीं हैं। डिप्टी मेयर और शांति विहार की पार्षद काे छाेड़कर बाकी सभी पार्षदाें ने मर्ज किए जा रहे एरिया का विराेध किया है। स्पेशल हाउस में मेयर सत्या काैंडल ने कहा कि पार्षदों के विरोध का प्रस्ताव सरकार को भेजेंगे।

पानी की सप्लाई को लेकर निगम हाउस में हंगामा
शहर में इन दिनों लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा हैं। जिससे लोगों को सर्दियों में भी पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा हैं। ऐसे में नगर निगम के हाउस में भी इस मुद्दे पर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। दरअसल पार्षदों का तर्क था कि लोगों को सर्दियों में भी आखिर पानी की किल्लत क्यों हो रही है। जिस पर कपंनी ने जवाब दिया कि लो वोल्टेज के चलते सप्लाई प्रभावित हो रही है।
इस पर पार्षद किमी सूद पार्षद ने सदन में सवाल उठाया कि लोगों को तीसरे दिन पानी क्यों आ रहा है। इसके साथ ही शहर स्मार्ट सिटी की ओर अग्रसर है, ऐसे में लोगों को स्मार्ट सुविधा मिलनी चाहिए। लेकिन कपंनी आज भी लो वाेल्टेज बताकर किनारा कर रही है, जो गलत है। पार्षद ने बताया कि जनता उनसे सवाल करती है कि गर्मियों में तो पानी नहीं मिलता, अब सर्दियों में भी दिक्कत आ रही है।

मर्ज एरिया में अभी तक काेई विकास नहीं हाे पाया
शिमला मर्ज एरिया में अभी तक काेई विकास नहीं हाे पाया है। मज्याठ, विकासनगर, पटियाेग, चलाैंठी और टुटू काे नगर निगम में मर्ज किया गया है। जबकि डेढ़ दशक से इन एरिया का विकास ही नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल है कि अगर इन एरिया में विकास नहीं हुआ ताे जाे नए एरिया काे मर्ज करने की प्लानिंग है, उससे क्या फायदा हाेगा। नगर निगम शिमला में मर्ज किए गए क्षेत्रों में सुविधाएं न के बराबर हैं। पानी, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं से ये वार्ड अभी तक वंचित हैं। बावजूद इसके निगम इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से टैक्स की वसूली कर रहा है, जिसका कोई औचित्य ही नहीं है।
- शहर के 16 से लेकर 34 वार्ड तक सड़कों के पैच वर्क के लिए 28 लाख की राशि मंजूर।
- वार्ड नंबर 24 में 18 लाख की लागत से स्लैब कल्वर्ट बनेगा।
- वार्ड नंबर 19 में बोतल से लेकर कार्टरोड तक सड़क का निर्माण 12 लाख की लागत से किया जाएगा।
- नगर निगम शिमला में होमगार्ड के 4 जवानों को अगले साल जून तक रखने की मंजूरी दे दी गई है।
- सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल दिल्ली को खेल मैदान के लिए लीज के लिए एनओसी जारी।
- पंथाघाटी में तेंजिन हॉस्पिटल से मनमोहन शर्मा हाउस तक 20 लाख की लागत से रोगी वाहन लाइक बनेगी सड़क।
- मज्याठ वार्ड में निगम भरयाल कूड़ा संयंत्र तक की सड़क चौड़ी करने के लिए 41 लाख की राशि को स्वीकृति दी गई।
- शेड बनाने के लिए 25 लाख की मंजूरी दी गई है
- आशियाना टू प्रोजेक्ट के तहत लोगों को बसाया जाएगा।
- संजौली के इंजनघर वार्ड में नगर निगम की पार्किंग से दक्षिण बिहार तक 12 लाख की शशि स्वीकृति।
- रिज पर घोड़ा स्टैंड के पास बनेगा सेल्फी पॉइंट।
