पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक मामले को लेकर सीबीआई नए सिरे से जांच करेगी और इस संबंध में जल्द ही एफआइआर दर्ज करने की तैयारी है। सीबीआइ ने केंद्रीय कार्मिक विभाग से मंजूरी मिलने के बाद कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक, सीआइडी और सोलन पुलिस अधीक्षक से रिकार्ड मांगने के साथ स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस मामले को लेकर सीबीआइ जल्द ही एफआइआर दर्ज कर छानबीन को तेज करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 17 मई को पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में सीबीआई से जांच करवाने का फैसला लिया था लेकिन अब सात माह बीत जाने के बाद सीबीआई ने पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच के लिए रिकार्ड मांगा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांगड़ा पुलिस ने सीबीआई को पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक मामले की स्टेटस रिपोर्ट सहित अन्य जानकारियां प्रदान कर दी हैं। पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में एसआईटी ने 181 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद तीन चार्जशीट दायर की। पुलिस थाना गगल में 91 आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के बाद एलडी सीजेएम कोर्ट कांगड़ा में चार्जशीट दाखिल की गई थी। एक चार्जशीट स्टेट सीआईडी के पुलिस थाना भराड़ी में दर्ज की गई जिसमें 61 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है।पुलिस थाना अर्की में दर्ज किए गए केस में 29 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। पुलिस अधीक्षक कांगड़ा खुशहाल शर्मा का कहना है कि सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट और जानकारी मांगी थी वह मेल से भेज दी है।
सीबीआई जांच में कई अधिकारी आएंगे जांच के दायरे में
पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के शुरु होने से इस मामले में पुलिस के कई अधिकारी जांच के दायरे में आएंगे। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ कि लिखित परीक्षा का पेपर प्रिंटिंग प्रेस के एक कर्मचारी पेपर कटर सुधीर ने लीक किया था। इसके बाद उसने बिहार में अपनी जान पहचान वाले को पेपर व्हट्सएप पर भेजा था। इसके बाद अलग-अलग गिरोह के पास पहुंचा और कई राज्यों के बिचौलियों ने करीब अस्सी के करीब प्रश्न रटाए गए।
