प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार कर लिया गया है। पहले चरण में सरकार सिर्फ तीन जिलों के लिए इलेक्ट्रिक गाडिय़ों की खरीद करेगी।
इनमें शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर जिला शामिल है। इन तीनों जिलों में अब सभी सरकारी गाडिय़ां इलेक्ट्रिक ही खरीदी जाएंगी। वहीं एचआरटीसी की सारी बसें भी इलेक्ट्रिक खरीदी जाएंगी। इन तीन जिलों के बाद बाकी अन्य जिलों में भी जल्द इलेक्ट्रिक गाडिय़ां दौड़ेंगी।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने बीते कल पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खविंदर सिंह सुक्खू ने ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने का निर्णय लिया है। इसी के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार किया है।
वहीं, इलेक्ट्रिक गाडिय़ों के लिए चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश में 600 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन की जगह चिहिन्त की गई हैं।
वहीं, दूसरी प्रदेश में 50 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रदेश में जल्द 150 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएगी। इनकी खरीद के लिए सरकार ने आदेश जारी कर दिए है।
इसके अलावा परिवहन विभाग के वाहनों को सबसे पहले ई-व्हीकल में तबदील किया जाएगा। परिवहन विभाग में तीन इलेक्ट्रिक गाडिय़ां खरीदी जा चुकी हैं, जबकि 15 अभी खरीदी जानी है।
सरकार बजट में लाएगी ई-व्हीकल पॉलिसी
ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बजट में पॉलिसी लाई जाएगी। पिछली सरकार में भी ई-व्हीकल पॉलिसी तैयार की गई थी। ऐसे में अब सरकार नए सुधार उस पॉलिसी में करेगी। वहीं, आने वाले बजट सत्र में ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया जा सकता है। इससे पहले डिप्टी सीएम भी यह सपष्ट कर चुके हैं कि ई-व्हीकल के लिए बजट सत्र में 150 से 200 करोड़ रुपए तक का बजट प्रावधान किया जा सकता है।
सभी पार्किंग में स्थापित होंगे चार्जिंग स्टेशन
उद्योग मंत्री ने बताया कि प्रदेश की सभी पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को मुख्यमंत्री की ओर से आदेश दिए हैं। पार्किंग के अलावा अन्य जगह जहां पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। शिमला में टूटीकंडी पार्किंग में भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा शहर की अन्य पार्किंग में भी सुविधा दी जाएगी।
