हिमाचल प्रदेश में ड्राइंग मास्टर के 314 पदों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। लिहाजा, इसको लेकर स्टेट विजिलेंस व एंटी क्रप्शन ब्यूरो द्वारा हमीरपुर थाना में आपराधिक मामला दर्ज करने की तैयारी कर ली गई है।
दरअसल, पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी को पूछताछ के दौरान गड़बड़ी के साक्ष्य मिले हैं। पोस्ट कोड संख्या 980 (Post Code 980) के तहत भंग किए जा चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 24 मई 2022 को ड्राइंग मास्टर के 314 पदों की रिक्तियों को अधिसूचित किया गया था।
छंटनी परीक्षा के बाद 971 उम्मीदवारों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए चयनित घोषित किया गया था। दस्तावेजों का सत्यापन 16 से 22 दिसंबर 2022 के बीच किया गया था। लेकिन भर्तियों को लेकर अंतिम नतीजा जारी नहीं किया गया था। एसआईटी की जांच के दौरान भर्ती को लेकर विजिलेंस को पर्याप्त सबूत मिले हैं। इसी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय लिया जा चुका है।
बता दें कि जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट की छंटनी परीक्षा (पोस्ट कोड 965) से पहले ही विजिलेंस ने पेपर के लीक होने का भांडाफोड़ कर दिया था। 23 दिसंबर 2022 को हमीरपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसकी जांच को लेकर सरकार ने डीआईजी शिवा कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
उधर, एसआईटी के चीफ व डीआईजी जी शिवा कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि ड्राइंग मास्टर की भर्तियों को लेकर हमीरपुर में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि जांच के दौरान टीम को पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
