हिमाचल में जयराम सरकार के कार्यकाल में खोले गए शिक्षण संस्थानों को डी-नोटिफाई करने के मामले में अब सुखविंदर सिंह सरकार तेजी से एक्शन ले रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट मीटिंग में पूर्व में खोले गए या अपग्रेड किए गए 200 शिक्षण संस्थान को बंद करने का फैसला लिया गया है।इनमें से करीब 90 फीसदी स्कूल हैं।कैबिनेट के इस फैसले को अब शिक्षा विभाग लागू करेगा।
वर्ष 2022 में चुनावी साल में जयराम सरकार ने 386 के करीब शिक्षण संस्थान अपग्रेड किए थे या नए खोले थे। इन सभी में एडमिशन बहुत कम थी। इनमें कुल 23 कॉलेज भी थे, जिनमें से 18 कॉलेजों में न के बराबर एडमिशन थी।उन्हें भी बंद किया जाएगा। जयराम सरकार के कार्यकाल में खुले 23 में से सिर्फ पांच कॉलेज ही चलेंगे ये कॉलेज वो हैं, जिनमें साठ के करीब एडमिशन हैं।
पूर्व की जयराम सरकार के समय में प्रदेश के विभिन्न इलाकों में 386 शिक्षण संस्थान अपग्रेड और नए खोले गए थे।इनमें 49 प्राइमरी स्कूल थे।यही प्राइमरी स्कूल नए खुले थे, बाकि मिडल व हाई स्कूल अपग्रेड किए गए थे।जयराम सरकार ने जनता की मांग पर विभिन्न इलाकों में प्राइमरी स्कूल खोलने का ऐलान किया था।
नए खुले 49 प्राइमरी स्कूलों के लिए स्थानीय स्तर पर पंचायत ने कमरों का इंतजाम किया, लेकिन नए सत्र में उनमें कोई भी एडमिशन नहीं हुई। इन स्कूलों को खोलने के लिए जारी की गई नोटिफिकेशन को अब वापिस लेकर उन्हें डी-नोटिफाई किया जाएगा।
अब सवाल ये है कि कौन से 200 स्कूल बंद होंगे। इन स्कूलों में 49 प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा मिडल स्कूल से हाई स्कूल में अपग्रेड किए गए वे स्कूल भी डी-नोटिफाई होंगे, जहां नवीं और दसवीं में न के बराबर एडमिशन हुई।इसी तरह हाई स्कूल से सीनियर सेकेंडरी स्कूल अपग्रेड किए गए। जिन स्कूलों में न्यूनतम 15 एडमिशन भी 11वीं और 12वीं में नहीं हुई, वे स्कूल भी डी-नोटिफाई होंगे। ऐसे सभी संस्थानों की संख्या मिलाकर 200 बनती है। इनमें से ज्यादातर अपग्रेड हुए शिक्षण संस्थान हैं।
49 प्राइमरी स्कूल की तो सिर्फ नोटिफिकेशन जारी हुई थी लेकिन जिन स्कूलों को अपग्रेड किया गया वहां टीचर्स की नियुक्ति भी हो चुकी थी।लेकिन क्योंकि अब ये स्कूल बंद होंगे लिहाजा वहां भेजे गए टीचर्स का तबादला होना लाजमी है। डी-नोटिफाई अथवा बंद होने वाले स्कूलों के स्टाफ को नजदीकी स्कूलों अथवा उन स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां अध्यापकों की कमी है।
दरअसल मौजूदा कांग्रेस सरकार ने पूर्व की बीजेपी सरकार के अंतिम 9 महीनों के कार्यों की समीक्षा की बात कही थी
जिसके तहत 1 अप्रैल के बाद खोले और अपग्रेड किये गए स्वास्थ्य समेत तमाम संस्थानों को डी-नोटिफाई करने का ऐलान किया था।हिमाचल में पूर्व की जयराम सरकार ने अप्रैल 2022 के बाद जिन भी शिक्षण संस्थानों को अपग्रेड किया था। कांग्रेस सरकार ने उन्हें डी-नोटिफाई करने का फैसला लिया था। इसमें नए खुले संस्थान भी शामिल हैं।ऐसे संस्थानों की कुल संख्या 386 है।
शिक्षा विभाग ने इस बारे में रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी थी।अप्रैल 2022 के बाद हिमाचल में 23 डिग्री कॉलेज, 98 सीनियर सेकेंडरी स्कूल, 131 हाई स्कूल, 85 मिडल स्कूल और 49 प्राइमरी स्कूल या तो अपग्रेड किए या नए खोले।इनकी कुल संख्या 386 है।
पूर्व सरकार ने कुछ मिडल स्कूलों को हाई स्कूल में, हाई स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में अपग्रेड किया था।अपग्रेड किए गए संस्थानों की संख्या 302 के करीब है और नए संस्थानों की संख्या 84 के करीब है।
स्कूलों खोलने या अपग्रेड करने को लेकर सामने आए इस ताजा मामले के बाद राज्य सरकार अब स्कूलों के संबंध में नई शर्तों को भी जोड़ेगी।अब प्राइमरी स्कूल चलाने के लिए कम से कम 15 बच्चों की एडमिशन जरूरी है। इसके अलावा हाई स्कूल व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी छात्रों की एडमिशन की संख्या तय की जाएगी। कैबिनेट में विस्तारपूर्वक हुई चर्चा के बाद शिक्षा विभाग इस फैसले को लागू करेगा।
