Spread the love

कुल्लू जिले में JBT की काउंसलिंग के लिए पहुंचे JBT प्रशिक्षित बेरोजगार सरकार पर खूब बरसे। इस दौरान कांगड़ा से अविनाश कटोच, शिमला से पंकज शर्मा और JBT प्रशिक्षित संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष पल्लवी ने कहा कि सरकार JBT भर्ती के नाम पर बेरोजगारों को प्रदेश भ्रमण करवा रही है।

हर प्रतिभागी का 20 से 25 हजार रुपए खर्च हो रहा है, लेकिन उसके बावजूद भी नौकरी नहीं लग रही है। कहने को तो JBT भर्ती ओपन कर रखी है, लेकिन जिस तरह से प्रतिभागियों को पूरे 12 जिलों में जाकर काउंसिलिंग अटेंड करनी पड़ रही है, उसमें भारी भरकम खर्चा वहन करना पड़ रहा है। ऊपर से काउंसिलिंग स्थल पर अव्यवस्था का आलम है।


कुल्लू के लोअर ढालपुर स्थित एलीमेंटरी एजुकेशन कार्यालय के साथ खुले लोअर विंग स्कूल में हुई JBT काउंसिलिंग के दौरान रविवार को पूरी तरह से अव्यवस्था का आलम देखने को मिला। डॉक्यूमेंट जमा करने के लिए जा रहे अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग स्थल तक जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिस कारण यहां काफी भीड़ जमा हो गई।

इस दौरान जेबीटी भर्ती के नाम पर बीएड और ईटीटी को एंट्री देने का विरोध भी किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब JBT प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगों ने इतनी मेहनत से प्रशिक्षण लिया है तो JBT के नाम पर सिर्फ JBT प्रशिक्षित ही भर्ती होने चाहिएं। JBT प्रशिक्षित 2008 से लेकर अब तक भर्ती होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से बीएड और ईटीटी वालों को एंट्री दी जा रही है, उससे तो JBT प्रशिक्षितों का आने वाले कई सालों तक नंबर नहीं पड़ेगा।


प्रदेश उपाध्यक्षा पल्लवी का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में 40 हजार JBT प्रशिक्षण प्राप्त लोग बेरोजगार बैठे हैं, लेकिन अगर JBT के नाम पर इसी तरह बीएड और ईटीटी की भर्ती करनी है तो JBT प्रशिक्षण संस्थानों को बंद कर देना चाहिए और JBT प्रशिक्षण प्राप्त लोगों के सर्टिफिकेट सरकार को वापस लेने चाहिएंं।

Leave a Reply