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नूरपुर के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि अस्पतालों में कोविड काल में आउटसोर्स पर लगे कर्मियों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार एक कमेटी गठित करने पर विचार कर रही है। प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों तथा स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को देखते हुए सरकार बहुत जल्द इन पदों पर भर्ती करेगी।

रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टरों को 6 महीने का ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा, ताकि रेडियोलॉजी विभाग के उपकरणों को संचालित किया जा सके। फार्मा कंपनियों की ओर से बनाई जा रही दवाइयों की गुणवत्ता के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दवाइयों को बनाने में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। अगर गुणवत्ता में कोई अनियमितता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को नि:शुल्क इलाज मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रदेश के लोगों को हिम केयर की सुविधा निरंतर मिलती रहेगी। मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने महिलाओं को 15 सौ रुपये प्रतिमाह देने वाली गारंटी को लेकर स्पष्ट किया कि इस पर प्रदेश सरकार गंभीरता से काम कर रही है। पहले चरण में बीपीएल व असहाय परिवारों की 1 लाख 36 हजार महिलाओं की सूची तैयार कर ली गई, जिन्हें हर माह 1,500 रुपये की पेंशन दी जाएगी।

शेष महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 1,500 रुपये की राशि प्रतिमाह दी जाएगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक अजय महाजन, एसडीएम गुरसिमर सिंह, एसपी अशोक रतन,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुशील कुमार शर्मा, सीडीपीओ रमेश कुमार, जिला कांग्रेस सचिव योगेश महाजन, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मिंटू, एनजीओ प्रधान राजेश सहोत्रा सहित प्रेस के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सरोल स्थित मेडिकल कॉलेज चंबा के नवनिर्मित भवन की छत्त पर हेलिपैड बनेगा। नाहन, हमीरपुर, सोलन और चंबा में बनने वाले मेडिकल कॉलेजों के भवनों की छत्तों में हेलिपैड बनाना आवश्यक किया गया है। इससे आपातकालीन स्थिति में मरीज को दूसरे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचाने में वक्त की बचत होगी। अनमोल जिंदगी को भी बचाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल्य ने परिधिगृह चंबा में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि उनका सपना हिमाचल को चिकित्सा क्षेत्र में ऐसा बड़ा हब बनाने का है, जहां स्वास्थ्य लाभ के लिए बाहरी राज्यों से भी लोग पहुंचें। इसके लिए हालांकि फंड की कमी जरूरत रहती है, लेकिन यदि नीति तैयार कर उसके तहत कार्य किया जाए तो यहां फंड की कमी नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के समय स्वास्थ्य क्षेत्र में जिस लिहाज से कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया है।

कहा कि प्रदेश भर के स्वास्थ्य संस्थानों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आईजीएमसी, पीजीआई में प्रैशर कम करने के लिए लोगों को घर-द्वार स्वास्थ्य लाभ देने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को छोटी-छोटी हेल्थ वैन देने संबंधी प्रस्ताव भेजा है, जिसमें हार्ट सर्जन, ब्रेन सर्जरी समेत विशेषज्ञ की सहूलियत मिल सके। पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौर, सदर विधायक नीरज नैयर, कांग्रेसी नेता यशवंत सिंह खन्ना, पूर्व विधायक चुराह सुरेंद्र भारद्वाज समेत कांग्रेसी नेता, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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