शिमला।। मजदूर संगठन सीटू के बैनर तले 108 व 102 एम्बुलैंस सेवा से निकाले गए कर्मियों ने अपनी बहाली व अन्य मांगों को लेकर नैशनल हैल्थ मिशन कार्यालय कसुम्पटी शिमला के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने इन कर्मचारियों के आंदोलन को सीटू राज्य कमेटी की ओर से पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि संगठन पूरे प्रदेश के मजदूरों को लामबंद करके इन मजदूरों की बहाली की लड़ाई को तेज करेगा।इस आंदोलन के तहत जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर मजदूरों की लामबंदी होगी।

उन्होंने मैड स्वान फाऊंडेशन कम्पनी प्रबंधन को चेताया है कि वह मजदूरों की सेवाओं को यथावत जारी रखे अन्यथा उसके खिलाफ प्रदेशव्यापी मोर्चाबंदी होगी।108 एवं 102 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्ज यूनियन संयोजक मनोहर लाल व सह संयोजक प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया है कि कई वर्षों से कार्यरत 200 से ज्यादा ड्राइवर, ईएमटी व कैप्टन सहित एम्बुलैंस कर्मियों को बेवजह गैर-कानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कम्पनी भी पूर्व कम्पनी जीवीके के नक्शेकदम पर आगे बढ़ रही है। कॉन्ट्रैक्ट बदलने पर सैंकड़ों मजदूरों की छंटनी कर दी गई है व उनकी जगह भाई-भतीजावाद व सिफारिश के आधार पर नई नियुक्तियां कर दी गई हैं। प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग इस सब पर खामोश हैं। उन्होंने मांग की है कि नौकरी से निकाले गए मजदूरों को बहाल किया जाए। माननीय न्यायालय के निर्णय अनुसार मजदूरों को वेतन दिया जाए। मजदूरों का स्थानांतरण दूसरे जिलों में किया जाए तथा सभी प्रकार के श्रम कानून लागू किए जाएं।
