हिमाचल सरकार ने प्रदेश में वाटर सेस आयोग का गठन किया है। आयोग के अध्यक्ष व तीन सदस्यों की नियुक्ति की गई है। इस संबंध में शासन की ओर से मंगलवार को अधिसूचना जारी हुई है। इसके मुताबिक आईएएस अधिकारी व जल शक्ति विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी जल आयोग के अध्यक्ष होंगे। वह 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।इसके अलावा पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एचएस धरोला, अरुण शर्मा और जोगिंदर सिंह को सदस्य बनाया गया है। इनकी नियुक्ति तीन साल के लिए होगी। साथ ही अध्यक्ष और सदस्यों की अधिकतम आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। वाटर सेस आयोग का मुख्यालय शिमला में होगा।
यह आयोग वाटर सेस से जुड़ी तमाम अपीलों की सुनवाई करेगा। आयोग हिमाचल प्रदेश जल विद्युत उत्पादन पर जल उपकर अधिनियम -2023 के अनुसार काम करेगा। सरकार ने जल आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए आवेदन मांगे थे। अध्यक्ष व सदस्यों के पद के लिए कुल 29 आवेदन आए थे इनमें से 11 आवेदन अध्यक्ष व 18 सदस्यों के लिए आए हैं। आवेदन करने वालों में सेवारत व रिटायर आईएएस व आईएफएस अधिकारियों के साथ-साथ इंजीनियर व कांग्रेस नेता भी शामिल थे।
बता दें कि सुक्खू सरकार राज्य में संसाधन जुटाने के मकसद से उत्तराखंड व जम्मू कश्मीर की तर्ज पर यहां स्थापित पावर प्रोजेक्टों पर जल उप कर (वाटर सेस) लगाने का निर्णय ले चुकी है। इसके लिए बाकायदा कानून भी बनाया गया है। सुक्खू सरकार इसी साल विधानसभा के बजट सत्र में हिमाचल प्रदेश वाटर सेस ऑन हाइड्रो पावर जनरेशन एक्ट 2023 लाई है।
