हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। मंगलवार को हुई इस बैठक में इन कर्मचारियों का कार्यकाल सितम्बर तक बढ़ा दिया है और इनका जो रुका हुआ पैसा था उसे भी जारी करने का निर्णय लिया है।
बैठक में पूर्व सरकार के समय में जिन कर्मचारियों और अधिकारियों को एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजा गया है। उन्हें वापस भी भेजा जा सकता है, इस पर राइडर लगा दिया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अपनी नियमित शिक्षक गैस्ट फैकल्टी के रूप में नहीं पढ़ा पाएंगे।
वहीं, विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि यदि गैस्ट फैकल्टी को किसी दूसरे विभाग में पढ़ाना भी है तो बिना किसी अतिरिक्त वेतन के ही पढ़ाना होगा।

