शिमला।। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टुटू इन दिनों स्वयं अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और यहां पर कई सालों से स्थापित ब्लड टैस्टिंग मशीन को भी शोघी शिफ्ट कर दिया है। सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के देने के खोखले दावों पर विकास समिति टुटू के पूर्व अध्यक्ष व समाजसेवी नागेंद्र गुप्ता ने सवाल दागे है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने में विफल साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि कई वर्षों से स्थापित ब्लड टैस्टिंग मशीन पिछले दिनों बीएमओ माशोबरा के कहने पर शोघी शिफ्ट कर दी गई है, जबकि प्रशासन द्वारा सप्ताह में दो दिन धामी से डेपुटेशन पर टेक्नीशियन ब्लड टेस्ट करने के लिए तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा कि पीएचसी टुटू में सुविधाएं तो क्या सुदृढ़ करनी, लेकिन जो सुविधाएं पहले से उपलब्ध है, उन्हे भी छीना जा रहा है, जिससे मरीजों को उपचार के लिए निजी क्लीनिकों या डीडीयू/आईजीएमसी को भटकना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा लोकार्पण की गई एक्सरे मशीन भी वर्तमान सरकार द्वारा समय-समय पर मिले आश्वासनों के बावजूद भी आज तक उपयोग में नहीं लाई गई है।
17 नवंबर 2018 को मुख्यमंत्री के मंडी दौरे के दौरान टुटू में स्वागत के समय भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ध्यान में मामला लाया गया था। दो वर्ष पूर्व 5 जनवरी, 2020 को शोघी स्कूल परिसर मे आयोजित जनमंच में सरकार/प्रशासन द्वारा जल्द रेडियोग्राफर की तैनाती कर एक्सरे मशीन चालू करने का आश्वासन मिला था, लेकिन यह दावे भी खोखले साबित हुए है। उन्होंने कहा कि नए भवन निर्माण का शिलान्यास पूर्व सरकार ने 2016 में कर दिया था, लेकिन आजतक भी भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम टुटू वार्ड -6 से सत्ता पक्ष के पार्षद ने भी कई मर्तबा भवन निर्माण और एक्सरे मशीन शुरू करने बारे मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में मामला लाया है, लेकिन सरकार गंभीर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि शिमला-कांगड़ा हाई-वे पर सड़क के साथ सटे इस पीएचसी को स्वास्थ्य सुविधाओं से सुदृढ़ किया जाए और जल्द ही ब्लड टेस्टिंग मशीन वापस लाई जाए तथा स्थाई रूप से रेडियोग्राफर और टेक्नीशियन की तैनाती की जाए, ताकि आसपास के सैंकड़ों क्षेत्र वासियों को उपचार के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।
