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शिमला।पीजी की नीट काउंसिलिंग की मांग को लेकर डाक्टरों ने सात दिनों के लिए हड़ताल स्थगित कर दी है। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन इंडिया के आह्वान पर शिमला के आईजीएमसी में हड़ताल कर रहे रेजिडेंट डाक्टरों ने गुरुवार दोपहर बाद हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटने का फैसला लिया है। आरडीए के प्रदेशाध्यक्ष डा. मनोज ने बताया कि पीएमओ आफिस की ओर से फेडरेशन को बातचीत के लिए बुलाया है, जिसके चलते फेडरेशन ने देशव्यापी हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि अभी फेडरेशन ने एक सप्ताह तक हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है, यदि सात दिनों के भीतर पीजी काउंसिलिंग की डेट तय नहीं होती है या उनकी मांगों का कोई हल नहीं निकलता है तो वे 16 दिसंबर से फिर से हड़ताल पर जाएंगे। इसमें आपातकालीन सेवाओं से लेकर ओपीडी की सभी सेवाओं पर रेजिडेंट डाक्टर सेवाएं नहीं देंगे जिसके चलते अस्पताल आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। डा. मनोज ने बताया कि इस साल जनवरी माह में जो पीजी नीट की काउंसिलिंग होनी थी, वह नहीं हो पाई है।अप्रैल में देशभर के चिकित्सा संस्थानों में नया बैच बैठना था, वह मौजूदा केंद्र सरकार नहीं बिठा पाई है, जिसके चलते हजारों नए डाक्टरों की पढ़ाई रुक गई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कोरोना के नए वैरियंट आ रहे हैं दूसरी तरफ सरकार डाक्टरों की अनदेखी कर रही है, जिसके चलते पुराने दो पीजी बैचों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो रेजिडेंट डाक्टर पर मानसिक दबाब बहुत पड़ेगा, जिससे कई डाक्टर मानसिक शिकार होकर कोई गलत कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के अधिकतर रेजिडेंट डाक्टर इस एक मांग को लेकर हड़ताल पर हैं और अभी भी कई संस्थानों ने हड़ताल को जारी रखा है। यदि 16 दिसंबर तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो हड़ताल को दोबारा शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि अकेले आईजीएमसी अस्पताल में 125 नए डाक्टरों की कमी है जिसे जल्द पूरा किया जाए।

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