श्रीखण्ड टाइम्स, शिमला।
हिमाचल सरकार ने त्योहारों पर महंगाई का बोझ बढ़ाकर जनता की जेब पर मारा डाका: राकेश जमवाल
हिमाचल सरकार का बिजली बोर्ड कर्मचारियों पर प्रहार, तकनीकी पद खत्म कर प्रदेश के युवाओं को किया निराश: भाजपा
मंडी : भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने हमेशा से प्रदेश की आम जनता पर नाजायज टैक्स लगाए हैं और अब त्योहारों के इस सीजन में भी महंगाई का तोहफा देकर जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खासकर हिंदू त्योहारों के समय कांग्रेस सरकार महंगाई का बोझ बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालती है।
जमवाल ने कहा, “हर बार जब हिंदू त्योहार आते हैं, कांग्रेस इस अवसर मानकर सरसों के तेल और रिफाइंड तेल जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी कर देती है। इस बार सरसों का तेल 25 रुपये और रिफाइंड तेल 10 रुपये महंगा हो गया है। यह कांग्रेस सरकार की जनता विरोधी नीतियों का स्पष्ट उदाहरण है।”उन्होंने कहा कि यह सरकार त्योहारों की खुशियों को महंगाई के बोझ तले दबाने पर आमादा है। जनता के हितों की रक्षा के बजाय उन्हें महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है, जो कि सरकार की नाकामी का प्रतीक है।
भाजपा प्रवक्ता ने हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के तकनीकी अधिकारियों के 51 पद खत्म करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का हिस्सा है, जो राज्य के युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञों को गहरी निराशा की ओर धकेल रहा है। एक तरफ सरकार 5 लाख नौकरियां देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर COVID योद्धाओं को निकालने के बाद अब यह कदम उठाया गया है, जो पूरी तरह से गैर-लोकप्रिय और जनता विरोधी है।
राकेश जमवाल ने कहा, “राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी और इंजीनियर वर्क टू रूल पर चले गए हैं, जिसका सीधा असर प्रदेश की जनता पर पड़ेगा। यदि शाम के बाद बिजली गुल होती है, तो उसे अगले दिन सुबह ही ठीक किया जाएगा। इससे सरकार की अक्षमता और संवेदनहीनता का स्पष्ट प्रमाण मिलता है।”
