धर्मशाला। हंगामे के बीच दोपहर 12.55 पर राम लाल ठाकुर, आशा कुमारी व अन्य ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव दिया। यह स्थगन प्रस्ताव हिमाचल में चोर दरवाजे से नौकरी देने व आउटसोर्स व करुणामूलक नियुक्ति के लिए नियम नहीं होने पर दिया गया।
हिमाचल विधानसभा शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने विस अध्यक्ष विपिन परमार से विषय उठाने की अनुमति मांगी। अध्यक्ष ने कहा कि 15 तारीख को इसी विषय से संबंधित सवाल लगे हैं, इसलिए चर्चा की अनुमति नहीं मिलेगी।

हंगामे के बीच दोपहर 12.55 पर राम लाल ठाकुर, आशा कुमारी व अन्य ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव दिया। यह स्थगन प्रस्ताव हिमाचल में चोर दरवाजे से नौकरी देने व आउटसोर्स व करुणामूलक नियुक्ति के लिए नियम नहीं होने पर दिया गया।
इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच प्रश्नकाल चला। सदन के भीतर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सिपाहियों के रिवाइज पे बैंड को लेकर चल रहे बवाल पर आश्वासन दिया। उन्होंने कहा 2015 के नोटिफिकेशन के कारण हुई दिक्कत को दूर करने के लिए जयराम सरकार जल्द फैसला लेगी। सुरेश भारद्वाज के जवाब के दौरान भी विपक्ष नारेबाजी करता रहा और कुछ देर बाद वाकआउट कर दिया।
