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शिमला : राजधानी शिमला का तापमान वीरवार को जमाव बिदु से नीचे पहुंच गया। कोल्ड जोन में रह रहे लोगों के घरों में पाइपों से लेकर रिज मैदान पर लगाया संगीतमयी फव्वारा भी पूरी तरह से जम गया। सड़कों में जहां भी पानी गिरा वह पूरी तरह से कोहरे में तब्दील हो गया।

वीरवार सुबह राजधानी का न्यूनतम तापमान-0 .2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। राजधानी में ये पिछले 16 साल का रिकार्ड माना जा रहा है। इससे पहले 2004 से लेकर आज तक 2020 में -1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया था। अभी तक ये सीजन का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है। इसका लाभ आइस स्केटिग रिक में स्केटिग कर रहे बच्चों और स्केटरों को तो मिला लेकिन शहर के लोग खासे परेशान रहे। कोल्ड जोन कहे जाने वाले लक्कड़ बाजार व जाखू में पानी की पाइपें जम गई।

वहीं वीरवार सुबह रिज मैदान पर शिमला जल प्रबंधन निगम की ओर से लगाया गया पानी का फव्वारा भी पूरी तरह से जम गया। हैरानी की बात यह रही कि इस फव्वारे पर जब तक धूप की किरणें नहीं पड़ीं यहां पर कोहरा उसी तरह से जमा रहा। एक समय तो ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई झील पूरी तरह से जम गई हो। करीब 11 बजे जब सूरज की किरणें इस पर पड़ीं तो कोहरे पर दरारें पड़ने लगीं। धूप को 20 मिनट से ज्यादा कोहरा सहन नहीं कर पाया। लगभग 11:30 बजे तक पूरा कोहरा पानी में तब्दील हो गया। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। पुलिस की अपील, वाहन चलाते समय बरतें एहतियात

शिमला पुलिस ने शहर में वाहन चलाने वाले लोगों से आग्रह किया है कि जहां भी पानी गिरा हो वहां पर सतर्कता से वाहन चलाएं। तापमान शून्य से कम होने पर पानी पूरी तरह से जम जाता है। ऐसे में कई बार यह दुर्घटना का कारण भी बनता है। शिमला पुलिस के डीएसपी ट्रैफिक अजय भारद्वाज ने वाहन चलाने वाले लोगों से अपील की है कि राजधानी से ऊपरी शिमला के सभी ऐसे क्षेत्र जो कोल्ड जोन में आते हैं वहां पर वाहन चलाते हुए विशेष एहतियात बरतें।

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