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हिमाचल प्रदेश।।एक तरफ सरकारी विभागों के कर्मचारी लंबे समय से जहां ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर जद्दोजहद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार का खजाना भर रहे लगभग 20 निगमों और बोर्डों के ऐसे कर्मचारी और अधिकारी भी हैं जिनकी पेंशन योजना की अधिसूचना को 22 साल बाद भी जारी नहीं किया गया है।

नतीजन ऐसे सात हजार के करीब कर्मचारी और अधिकारी आज तक सरकार की अधिसूचना जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। चुनावी वर्ष में इनका रोष दिखने लगा है। गुरुवार को इसी मसले को लेकर प्रदेश कारपोरेट सेक्टर रिटायरीज को-ऑडिनेशन कमेटी की बैठक राज्य अध्यक्ष देवी लाल ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी जिला चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, मंडी कुल्लू, सिरमौर, सोलन तथा शिमला के चुने हुए करीब 35 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में सभी ने रोष जताया कि भाजपा सरकार द्वारा अक्तूबर 1999 में जो पेंशन योजना की अधिसूचना जारी की थी, उसको अभी तक पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है। बैठक में सभी सदस्यों द्वारा पेंशन योजना लागू न करने के लिए कड़े शब्दों में सरकार की निंदा की गई।बैठक में कहा गया कि भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष एवं वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर थे।

उन्होंने उस समय इस पेंशन योजना को लागू करने के लिए कोरपोरेट सेक्टर के कर्मचारियों को आश्वासन दिया था। मई 2003 में भाजपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस बारे कॉर्पोरेट फंड के लिए तीन करोड़ रुपए की राशि भी जारी की थी, लेकिन 2004 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांग्रेस सरकार ने इस अधिसूचना को निरस्त कर दिया। बैठक में पुन: निर्णय लिया गया कि नवरात्र के पश्चात प्रदेश के सभी जिलाधीशों के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेंगें।

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