शिमला । हिमालयन रेंज में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और ग्लेशियर पिघलने को लेकर शिमला में मंथन हुआ।इससे निपटने के लिए दो दिवसीय “सुदृढ़ हिमालय सुरक्षित भारत” कॉन्क्लेव में 7 सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार किया गया, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।सरकार इस प्लान को लेकर आगामी दिशा तय करेगी।कॉन्क्लेव में 50 से अधिक विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया और हिमालय में हो रहे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और उसकी रोकथान को लेकर अपने सुझाव दिए।अतिरिक्त मुख्य सचिव,वित्त, पर्यावरण साइंस और टेक्नोलॉजी विभाग प्रबोध सक्सेना ने कहा कि कॉन्क्लेव में काफी महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं, जिन्हें आधुनिक तकनीक के साथ लागू करने की जरूरत है, लेकिन पारंपरिक व्यवस्थाओं को भी बनाए रखना होगा। कॉन्क्लेव में मुख्य रूप से ग्लेशियर, ग्लोबल वार्मिंग, लैंडस्लाइड पर चर्चा हुई।

अधिक से अधिक पौधे लगाने की दी सलाह
कॉन्क्लेव में पहुंचे राजस्थान के पद्मश्री विजेता वृक्षमित्र हिम्मताराम भांभू ने अधिक से अधिक पौधे लगाने की सलाह दी, क्योंकि पौधे पर्यावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ मनुष्य को ऑक्सीजन देने का काम भी करते हैं।हिम्मताराम ने खुद भी पीपल के पौधे लगाकर शुरुआत की थी, लेकिन अब उन्होंने 6 हेक्टेयर भूमि में 5 लाख पौधे लगाकर पूरा जंगल तैयार किया है, जिसमें हजारों पशु पक्षी रहते हैं।इसी कार्य के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से नवाजा है।
