हिमाचल प्रदेश।। प्रदेश के स्कूलों में प्री-प्राइमरी के लिए एनटीटी भर्तियों का इंतजार है। प्रदेश सरकार इसके लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाएगी और उसके बाद ही स्कूलों में भर्तियां होंगी। फिलहाल इसके लिए तैयार ड्राफ्ट प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के बीच फंसा है। साथ ही एनटीटी डिप्लोमा एक साल का मान्य होगा, दो साल का मान्य होगा और किस संस्थान का मान्य होगा, यह भी तय नहीं है।

सरकार की भी इस मामले में सुस्ती नजर आ रही है। दूसरी ओर प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ एनटीटी भर्ती न होने से नाराज चल रहा है। प्रदेशाध्यक्ष आपा का कहना है कि सरकार तथा शिक्षा विभाग द्वारा एनटीटी की अनदेखी की जा रही है। प्रदेश सरकार एनटीटी धारकों के हित में कोई भी फैसला लेने में सक्षम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पहले भी हम सरकार को अवगत करवा चुके हैं कि एनटीटी धारक 23 वर्षों से अधिक बेरोजगारी की मार झेल रही है।
कई महिलाओं की आयु सीमा भी समाप्त होती जा रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि बेरोजगार एनटीटी अध्यापिकाओं की नियुक्ति के बारे में सरकार जल्द कोई ठोस कदम उठाए। हैरत की बात यह है कि करीब दो साल से केंद्र से सरकार के एनटीटी शिक्षकों का वेतन के लिए पीएबी यानी प्रोजेक्ट अप्रुवल बोर्ड में बजट आ रहा है, इसके बावजूद अभी तक भर्तियां शुरू नहीं हो पाई हैं। उनका कहना है कि सरकार तथा शिक्षा विभाग इतने लंबे समय से एनटीटी की भर्तियों पर रोक क्यों लगा कर रखी है, जबकि शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि इसी साल भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि एनटीटी की भर्ती जल्द से जल्द की जाए।
एनसीटीई ने दिए हैं दोनों विकल्प
नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजूकेशन ने प्रदेश सरकार को इसमें दोनों ऑप्शन दिए हैं। यानि इसमें पंजाब की तर्ज पर एक साल का एनटीटी डिप्लोमा भी अनिवार्य होगा जैसा पंजाब ने किया है। और दूसरा दो साल का एनटीटी डिप्लोमा भी मान्य होगा। यह प्रदेश सरकार को ऑप्शन दिया गया है कि वह आरएंड पी यानि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में कौन सा डिप्लोमा शामिल करती है। इसके लिए प्रदेश के हजारों एनटीटी प्रशिक्षितों प्रदेश सरकार की अधिसूचना का इंतजार है।
