हिमाचल प्रदेश।देशभर से हजारों सैलानी क्रिसमस मनाने पहाड़ों की रानी शिमला पहुंचे हैं। वीकेंड के चलते सैलानियों की आमद दोगुनी हो गई। शहर के होटलों में ऑक्यूपेंसी 100 फीसदी रही। सड़कों पर लंबे ट्रैफिक जाम के कारण सैलानियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। न्यू ईयर तक शहर सैलानियों से गुलजार रहने की उम्मीद है। क्रिसमस पर पूरे दिन रिज मैदान और मालरोड सैलानियों से गुलजार रहा। हजारों की संख्या में सैलानी रिज मैदान पहुंचे। दोपहर के समय रिज पर तिल धरने की भी जगह नहीं बची।
रिज मैदान से लक्कड़ बाजार, मरीना चौक, एजी चौक तक सैलानियों का हुजूम जुटा रहा। बड़ी संख्या में सैलानियों ने साथ लगते पर्यटन स्थलों कुफरी, नारकंडा, मशोबरा और नालदेहरा का भी रुख किया। शाम के समय टूरिस्टों को शहर के होटलों में कमरे ढूंढे नहीं मिले। सैलानियों की भारी भीड़ का होटल, बेड एंड ब्रेक फास्ट और होम स्टे संचालकों ने भी खूब फायदा उठाया।
कई जगह कमरों के एवज में जमकर ओवरचार्जिंग भी की गई। शिमला में कमरे न मिलने के कारण टूरिस्टों को मशोबरा, नालदेहरा, फागू और ठियोग में कमरे तलाशने पड़े। क्रिसमस के मौके पर शहर के होटलों और रेस्टोरेंटों में डायन एंड डांस और गाला नाइट का आयोजन किया गया है।
भारी संख्या में सैलानियों ने पार्टी में भाग लिया। शहर के निजी और पर्यटन निगम के होटलों में आयोजित कार्यक्रमों के बाद सैलानियों को गिफ्ट भी बांटे जा रहे हैं। पर्यटन विकास निगम के होटल हाली डे होम में आयोजित कश्मीरी फूड फेस्टिवल के दौरान सैलानियों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया।भारी संख्या में सैलानियों ने पार्टी में भाग लिया। शहर के निजी और पर्यटन निगम के होटलों में आयोजित कार्यक्रमों के बाद सैलानियों को गिफ्ट भी बांटे जा रहे हैं। पर्यटन विकास निगम के होटल हाली डे होम में आयोजित कश्मीरी फूड फेस्टिवल के दौरान सैलानियों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया।वहीं, ईसाई समुदाय के लोगों ने गिरिजाघरों में यीशु मसीह की प्रतिमा के सामने कैंडल जलाईं। प्रार्थना सभा में लोगों ने प्रार्थना की कि नया साल लोगों के लिए खुशियां लेकर लाए। रिज स्थित क्राइस्ट चर्च के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी लेकिन कोविड प्रोटोकॉल को देखते हुए केवल 50 फीसदी लोगों को चर्च में जाने की अनुमति दी गई। चर्च में करीब पांच 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। लेकिन, यहां पर करीब ढाई सौ लोगों को ही प्रवेश दिया गया। चर्च के पादरी सोहन लाल ने यह जानकारी दी।चर्च को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। चर्च पर सांता क्लॉज का पुतला लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। रिज मैदान पर घूमने आए स्थानीय और बाहरी राज्यों के पर्यटकों ने मोबाइल फोन पर चर्च और सांता क्लॉज की फोटो खींचीं। इसके अलावा छोटे बच्चे भी सांता क्लॉज की ड्रेस पहनकर घूम रहे थे। चारों ओर भारी भीड़ के कारण यहां पर पैदल चलना मुश्किल हो गया था।

हालांकि, पर्यटक व्हाइट क्रिसमस मनाने से वंचित रह गए। अब नए साल में बर्फबारी के बीच नए साल का जश्न मनाने की उम्मीद की जा रही है। सर्दियों के सीजन में बर्फबारी के कारण ही तेजी आती है लेकिन अभी तक शिमला में बर्फबारी खुलकर नहीं हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 26 दिसंबर को येलो अलर्ट और 28 दिसंबरह तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान प्रदेश के कई भागों में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी भी है।
शहरों का अधिकतम तापमान
केलांग 1.3, शिमला 12.7, सुंदरनगर 18.4, कल्पा 8.7, धर्मशाला 18.0, ऊना 21.4, नाहन 17.8, पालमपुर 14.5, सोलन 10.0, मनाली 10.0, कांगड़ा 18.8, मंडी 17.9, बिलासपुर 10.0, हमीरपुर 16.5, चंबा 17.0 और डलहौजी में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है।

उधर, पर्यटन नगरी मनाली में क्रिसमस पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। शनिवार के दिन जहां एक ओर हजारों की संख्या में सैलानी मनाली में क्रिसमस मनाने पहुंचे। इसी बीच जिला प्रशासन और सूचना एवं जन संपर्क विभाग की ओर से कलाकारों ने लोगों को कोरोना से बचाव और कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए जागरूक किया गया। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने बताया की कुल्लू जिला में पर्यटन सीजन के चलते प्रतिदिन हजारों सैलानी मनाली और कुल्लू घाटी में आ रहे हैं। इसी बात को लेकर जिला प्रशासन की ओर से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के चलते जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। कलाकारों ने मालरोड पर कोरोना भूत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
