शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंडी के पड्डल मैदान पर सोमवार को हुई रैली मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनकी सरकार को टॉनिक दे गई। चुनावी वर्ष में प्रधानमंत्री की तारीफ के शब्द उपचुनाव में हार देखने वाली भाजपा सरकार के लिए बूस्टर डोज से कम नहीं थे। पीएम ने एक ओर मुख्यमंत्री को ऊर्जावान और उनकी टीम को परिश्रमी कहकर संबोधित किया, वहीं दूसरी ओर वैक्सीनेशन और गरीबों की मदद की योजनाएं लांच करने के लिए उनकी तारीफ भी की। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिमाचल में डबल इंजन की सरकार के चार साल पूरे हुए हैं और यह चार साल सेवा और सिद्धि के रहे हैं, जिसके लिए वह जयराम ठाकुर और उनी टीम को बधाई देते हैं। इसी बीच हिमाचल को पहला एम्स मिला और हमीरपुर, मंडीए चंबा और सिरमौर में मेडिकल कालेज खुले। पीएम बोले कि आज राज्य सरकार की जो प्रदर्शनियां देखी हैं, उनसे उनका मन खुश हो गया। 28 हजार करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग सरमनी इनवेस्टर मीट हुई है। इससे न केवल हिमाचल की आय बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। 11000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास हुए हैं। इसमें तीन दशकों से खटाई में पड़ी श्रीरेणुकाजी परियोजना भी है। प्रधानमंत्री ने सरकार के पांचवें साल और नव वर्ष के लिए शुभकामनाएं दीं और साथ ही एक सलाह दी कि हिमाचल पर्यटन को तीर्थाटन के साथ जोड़े। कुल मिलाकर उप चुनाव हारने के बाद सरकार में बदलावों की चर्चाओं को प्रधानमंत्री की रैली ने शांत किया है।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने प्रदेश सरकार ने चार वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को शुभकामनाएं देते हुए कहा सोमवार को हिमाचल में जिन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, उससे प्रदेश में विकास को नई गति मिलेगी। लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ उनके जीवनस्तर में भी सुधार आएगा। श्री नड्डा ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल में 11 हजार करोड़ से अधिक की पनबिजली परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। हिमाचल में डबल इंजन की सरकार के सफल चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप व भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी है।
पीएम के लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी दोहराया कि उन्होंने अलग से कोई मांग इसलिए नहीं रखी, क्योंकि यह वह अवसर नहीं था। प्रधानमंत्री चार साल के कार्यकाल पूरा होने पर आशीर्वाद देने आए थे और वह मकसद सफल रहा है। नई घोषणाओं के लिए आगे बहुत वक्त है। शेष बचे एक साल में और मेहनत करेंगे और फिर लोगों के बीच जाएंगे।
