शिमला। जहां एक ओर सरकारी अस्पतालाें में स्पेशल वार्ड (प्राइवेट वार्ड) लेने काे लेकर लंबी वेटिंग रहती है। स्पेशल वार्ड लेने के लिए नेताओं तक के फाेन करवाने पड़ते हैं। कई बार ताे सिफारिशें लगाने के बावजूद भी वार्ड नहीं मिल पाते। मगर केएनएच अस्पताल में स्पेशल वार्ड के लिए बनाए गए नाै कमरे केवल इसलिए बंद हाेने के कगार पर हैं क्याेंकि यहां पर नर्सों की शाॅर्टेज है। प्रशासन ने इसके लिए सरकार काे प्रस्ताव भी भेजा है।इसमें तर्क दिया गया है कि नर्सों की जितने पद यहां पर सेंक्शन है, उतनी नर्सें यहां पर तैनात नहीं है। जहां एक ओर स्पेशल वार्ड चलाने में दिक्कतें आ रही है, वहीं सामान्य वार्डाें में एडमिट मरीजाें काे भी परेशानी हाे रही है। नर्सों काे समय पर छुट्टियां नहीं मिल पा रही। अब जब तक सरकार केएनएच के लिए नर्सें अप्वाइंट नहीं करती तब तक यहां पर इन बंद पड़े नाै स्पेशल वार्डाें काे चलाना मुश्किल हाे जाएगा। इसके अलावा वार्डाें में एडमिट मरीजाें काे भी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।

10 स्टाफ़ नर्स के रिक्त पद खाली केएनएच अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा महिला अस्पताल है। यहां पर सरकार ने 41 नर्सों के पद सृजित किए हैं। हालांकि यहां पर काफी पद सृजित किए थे, उस समय यहां पर मरीजाें की संख्या काफी कम रहती थी। मगर अब यहां पर मरीजाें की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
मगर अभी माैजूदा समय में यहां पर 31 नर्सें ही तैनात है। 10 पद नर्सों के खाली चल रहे हैं। नर्सों के पर रिक्त हाेने से अन्य नर्सों काे छुट्टियां लेने में भी दिक्कतें आ रही है। वहीं मरीजाें की देखरेख में भी लगातार परेशानी हाे रही है। इसके अलावा स्पेशल वार्डाें काे चलाने के लिए नर्सों की जरूरत रहती है। नर्सें इनमें एडमिट मरीजाें देखरेख करती है। ऐसे में यदि नर्सें नहीं हाेंगी ताे इन वार्डाें काे चलाने में दिक्कतें आएंगी
स्टाफ़ कम होने से आ रही है परेशानी
केएनएच में नर्सों की कमी से जहां स्पेशल वार्ड नहीं चल रहे हैं, इससे अब स्पेशल वार्डाें से आने वाली राशि भी नहीं मिल रही है। क्याेंकि स्पेशल वार्डाें में राेजाना एक वार्ड से 1000 रुपए तक आते हैं। नाै वार्ड बंद हाेने से करीब 9000 रुपए का राेजाना घाटा हाे रहा है। इसके अलावा यहां पर 100 से ज्यादा महिलाएं एक समय में एडमिट रहती है।
इसमें इमरजेंसी, लेबर रूम, स्पेशल वार्ड, लैब, समेत कई जगहाें पर नर्सों की जरूरत रहती है। इन सभी काे देखने के लिए एक समय में 20 से 25 नर्सों की जरूरत हाेती है। जाे नर्सें यहां पर तैनात हाेती है, उन्हें कई-कई घंटे तक ड्यूटियां देनी पड़ती हैं।
केएनएच अस्पताल में नर्सों के 41 पद सृजित किए गए हैं, जबकि माैजूदा समय में केवल 31 नर्सें ही यहां पर हैं। इनमें एक समय में 8 से 10 नर्सें शिफ्टाें में ड्यूटी देकर छ़ुट्टी पर हाेती है। जबकि कुछ नर्सें इमरजेंसी, लेबर रूम, स्पेशल वार्ड व सामान्य वार्डाें में ड्यूटियां दे रही हाेती हैं। नर्सों की किल्लत के कारण मरीजाें काे भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यही नहीं केएनएच में नाै स्पेशल वार्ड इसलिए नहीं चल पा रहे हैं क्याेंकि नर्सों की कमी है। इसके लिए सरकार काे प्रस्ताव भेजा गया है। जब तक नर्सें नहीं आती। स्पेशल वार्ड नहीं चल पाएंगे और मरीजाें काे भी दिक्कतें आएंगी।
