शिमला। नीट पीजी काउंसिलिंग में हो रही देरी के विरोध में आईजीएमसी के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से ओपीडी सेवाएं प्रभावित रही, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (आइजीएमसी) के करीब 300 रेजीडेंट डाक्टर ने दो घंटे की हड़ताल की। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सुबह के समय स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई। अस्पताल में इलाज करवाने आए लोगों की ओपीडी के बाहर लंबी लाइनें लगी रहीं। दूरदराज क्षेत्र से आए कई लोगों ने घरों को जाना था। समय पर इलाज न होने के कारण उनकी बसें भी छूट गईं। प्रदेशभर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्डों में न तो सुबह मरीजों की जांच को लेकर डॉक्टरों का राउंड हुआ और न ही ओपीडी में समय पर परमर्श मिल पाया। हालांकि आईजीएमसी की ओपीडी में वरिष्ठ डाक्टर मरीजों को देख रहे थे।डाक्टर नीट पीजी की काउंसलिंग को अस्थायी तौर पर आगे बढ़ाने के बाद देशभर में फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन के समर्थन में आइजीएमसी की रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन (आरडीए) भी हड़ताल कर रही है। अस्पताल के 300 रेजीडेंट डाक्टर आज सुबह साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे तक हड़ताल पर रहे। वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ रेजीडेंट डॉक्टर हेल्प करते हैं। ऐसे में उनके 2 घंटे तक ड्यूटी में न होने से दूर दराज से आए मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। डाक्टरों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांग न मानी गई तो हड़ताल बढ़ाई जा सकती है।
