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मनरेगा मजदूरों को दिहाड़ी न मिलने संबंधी पेश आ रही समस्या का जल्द निदान हो जाएगा। दिहाडिय़ों का पैसा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे मनरेगा मजदूरों के खाते में जल्द उनका मेहनताना पहुंच जाएगा। मनरेगा दिहाड़ी मिलने में हो रहे विलंब पर पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कुछ खंड विकास अधिकारियों द्वारा गलत डाटा दिए जाने की वजह से कुछ समय के लिए दिहाड़ी के भुगतान पर विराम लगा था। मनरेगा के मैटीरियल की पेमेंट की जा चुकी है तथा रिपोर्ट जमा करवाने के बाद दिहाड़ी का भुगतान भी सीधा खातों में किया जा रहा है। पंचायती राज मंत्री हमीरपुर में अपने एकदिवसीय दौरे के दौरान मीडिया कर्मियों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से 100 करोड़ रुपए का कॉरपस फंड तैयार किया गया है। यदि केंद्र सरकार की तरफ से रुपए दिए जाने में कोई देरी होती है तब उस स्थिति में इस फंड के जरिए विकास के कार्य पूरे होंगे। इस फंड से उन विकास कार्यों के पेमेंट का भुगतान किया जाना संभव होगा। ऐसे में यदि सरकार इस योजना को लागू करती है, तो केंद्र से बजट न मिलने की सूरत में भी मनरेगा मजदूरों को दिहाड़ी के लिए लंबे वक्त तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वही प्रदेश में इस साल नवगठित पंचायतों के भवनों के निर्माण के लिए जिन-जिन पंचायतों में भूमि उपलब्ध होती है उनको 20 लाख रुपए और कॉमन सर्विस सेंटर के निर्माण के लिए पांच लाख तुरंत स्वीकृत किए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने पशुपालन विभाग के लगभग 800 पंचायत वैटरिनरी सहायकों को दो साल के अनुबंध के लाभ के सवाल पर कहा कि कैबिनेट में इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

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