सराज से शिमला पहुंचने के लिए अब केवल चार से पांच घंटे लगेगें। क्योंकि 22 किलोमीटर लंबे जंजैहली-रायगढ़ वाया शंकरदहरा सड़क मार्ग के आरंभ होने से शिमला की दूरी 160 किलोमीटर रह जाएगी।सराज हलके से शिमला पहुंचने के लिए अब केवल चार से पांच घंटे लगेगें। क्योंकि 22 किलोमीटर लंबे जंजैहली-रायगढ़ वाया शंकरदहरा सड़क मार्ग के आरंभ होने से शिमला की दूरी 160 किलोमीटर रह जाएगी। पहले लोगों को सुंदरनगर से करसोग होते हुए शिमला जाना पड़ता था, जिसकी दूरी 250 किलोमीटर बनती है। आज जंजैहली-रायगढ़ वाया शंकरदहरा मार्ग पर निगम की बस ट्रायल होना है। सात करोड़ 40 लाख रुपये से बन रही जंजैहली-रायगढ़ सड़क मार्ग करसोग विधानसभा क्षेत्र के सनारली के पास निकलेगी। आज सड़क पर बस का ट्रायल सफल रहा तो यहां पर बस रूट भी जल्द चलेगा। इसके बनने से करसोग भी लोग एक घंटे में पहुंच जाएंगे, जबकि पहले सुंदरनगर से होकर 170 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। इस सड़क के चलने से रायगढ़, सनारली, भुलाह सहित सराज के किसानों बागवानों को भी अपने उत्पाद शिमला या सोलन ले जाने के लिए राहत मिलेगी और खर्च भी कम होगा। साथ ही विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। बता दें कि मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है और गत दिनों उनकी धर्मपत्नी डा.साधना ठाकुर भी इस सड़क मार्ग से आई तो उन्होंने भी इसे जल्द पूरा करने के लिए कहा था।. सीडी बैंक के चेयरमैन कमल राणा ने कहा कि इस सड़क के बनने से सराज घाटी को बहुत लाभ होगा। शिमला आने जाने के लिए लोगों को लंबा सफर नहीं करना पड़ेगा। सड़क को पक्का करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर चला है। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता बलवीर सिंह ठाकुर ने कहा कि सात करोड़ से इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इससे शिमला सहित करसोग की दूरी कम हो जाएगी। परिवहन निगम के कार्यकारी अड्डा प्रभारी जंजैहली सूरज मणि ने कहा है कि मौसम का साथ रहा तो छह दिसंबर सोमवार को सड़क पर बस का ट्रायल किया जाएगा।
Road passing through a forest, Shimla, Himachal Pradesh, India 