आईजीएमसी और डीडीयू समेत पूरे प्रदेश में कोरोना काल में रखे 1,891 आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लग गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेशों के 10 दिन बाद भी उनके अनुबंध को बढ़ाने के लिए अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है।
आलम यह है कि आईजीएमसी, डीडीयू समेत पूरे प्रदेश में कोरोना काल के दौरान रखे आउटसोर्स कर्मचारी अनुबंध खत्म होने के बाद भी बड़े अस्पतालों में काम कर रहे है।जबकि, कुछ जिलों में उनसे काम नहीं लिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह डोगरा ने इस बात की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि यूनियन ने दस दिन पहले सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की थी, लेकिन अभी तक उन्हें रखने को लेकर सरकार की ओर से अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है।कोरोना महामारी के दौरान प्रदेशभर में 1,891 आउटसोर्स कर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें स्टाफ नर्स, डाटा एंटी ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अलावा अन्य श्रेणी के कर्मी शामिल हैं।
लेकिन, अब इनका अनुबंध पूरा होने के बाद बड़े अस्पतालों में काम लिया जा रहा है, लेकिन इनकी हाजिरी नहीं लग रही है। ऐसे में इन कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या इनका अनुबंध बढ़ेगा और दस दिन से लगातार किए जा रहे काम का मेहनताना इन्हें मिलेगा। हालांकि, यूनियन का यह भी कहना है कि सोमवार तक सरकार फैसला नहीं लेती है तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
