हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के 11,000 कर्मियों को अप्रैल माह के 9 दिन बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिला है। निगम कर्मियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस तक नहीं भर पा रहे हैं।
एचआरटीसी चालक-परिचालक ऑपरेशनल स्टॉफ यूनियन ने निगम प्रबंधन को 7 दिन के भीतर वेतन जारी करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने की सूरत में वर्क टू रूल (दिन में 8 घंटे ही ड्यूटी) पर जाने की चेतावनी दी है।यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि झा पॉप पी बीके पॉप जिससे निगम कर्मियों में रोष है।
निगम प्रबंधन जल्द से जल्द वेतन और लंबित भत्ते जारी करे।पथ परिवहन निगम में 4,600 चालक और 4,400 परिचालक सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम करीब 1250 करोड़ से अधिक के घाटे में है। बीते कई महीनों से चालक-परिचालकों को समय पर मासिक वेतन नहीं मिल रहा।
उप मुख्यमंत्री जिनके पास परिवहन विभाग का भी जिम्मा है, उनके आश्वासन के बावजूद निगम के चालक-परिचालक वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं।निगम के 11,000 कर्मचारियों को निगम प्रबंधन ने वित्तीय लाभों से वंचित रखा है। प्रबंधन से बार-बार समय से वेतन जारी करने और लंबित वित्तीय लाभ जारी करने का मामला उठाया जाता रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अगर 7 दिन के भीतर कर्मियों को वेतन जारी नहीं हुआ तो वर्क टू रूल का फैसला लेना पड़ सकता है।
