हिमाचल प्रदेश : राजधानी शिमला के सरकारी स्कूलों में शुक्रवार से पहली, दूसरी, चौथी, छठी व सातवीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई। दो साल बाद छात्र व छात्राएं परीक्षा देने के लिए स्कूल पहुंचे। शिमला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला में पहली से सातवीं के बच्चे परीक्षा देने के लिए पहुंचे। सभी छात्र व छात्राओं में परीक्षा के लिए पहले से ज्यादा जोश दिखा।

दो साल से सभी वर्चुअल माध्यम से पढ़ाई व परीक्षा देते आ रहे थे। कुछ बच्चों को आनलाइन से ज्यादा आफलाइन परीक्षाएं पसंद हैं। इसी के चलते अत्यधिक बच्चे आफलाइन परीक्षाओं के पक्ष में थे। दूसरी कक्षा के परीक्षा दे रहे छात्र पहली बार परीक्षा दे रहे थे, इससे पहले वे पहली कक्षा में आनलाइन परीक्षा देकर ही दूसरी में पहुंच गए थे। कोरोना नियमों का पालन करते हुए बैठाए छात्र परीक्षा के समय कोरोना नियमों का पालन होता दिखा। सभी छात्र और छात्राओं ने मास्क लगाए हुए थे। सभी को उचित शारीरिक दूरी के साथ परीक्षा भवन में बैठाया गया। शिक्षकों ने खुद भी कोरोना नियमों का अच्छे से पालन किया। इस दौरान हाथ सैनिटाइजेशन की भी व्यवस्था की गई थी। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे दिखे बच्चे परीक्षा के समय गर्म दस्ताने पहने हुए थे। ठंड अधिक होने के कारण अत्यधिक बच्चों ने परीक्षा के समय गर्म टोपी व जैकेट्स पहने हुए थे। परीक्षा के समय शिक्षकों ने निगरानी रखी थी, ताकि कोई भी बच्चा परीक्षा में नकल न कर सके। आफलाइन परीक्षा के लिए उत्सुक था संजौली की राजकीय माध्यमिक पाठशाला के सातवीं कक्षा के छात्र अरुण का कहना है कि वह दो साल बाद आफलाइन परीक्षा देने के लिए उत्सुक हूं। उसे आनलाइन परीक्षा में दिक्कत आती थी, इससे कई बार उसकी परीक्षा बीच में ही छूट जाती थी। अरुण की विज्ञान की परीक्षा हुई। आसान था पेपर, ठंड ने किया परेशान
छठी कक्षा के छात्र पीयूष ने कहा कि उसका शुक्रवार को सामाजिक विज्ञान का पेपर हुआ। पेपर आसान था। उसका कहना है कि ठंड बहुत होने की वजह से उसके हाथ बहुत ठंडे हुए, जिससे परीक्षा देने के लिए कुछ दिक्कत भी हुई। हालांकि गर्म कपड़े पहने थे। कोरोना नियमों का किया पूरा पालन सातवीं कक्षा के छात्र आदित्य ने कहा कि उसकी आज विज्ञान की परीक्षा हुई। दो साल बाद परीक्षा आफलाइन तरीके से देने के लिए काफी उत्सुक था। परीक्षा के दौरान घर से लेकर स्कूल में कोरोना के नियमों का पूरा तरह से पालन किया। आफलाइन परीक्षा देना अच्छा रहा निखिल ने बताया कि उसकी विज्ञान की परीक्षा हुई। उसने इसकी अच्छे से तैयारी की थी। वह परीक्षा देने के लिए कोरोना के नियमों का पालन करते हुए पहुंचा है। आफलाइन परीक्षा देना काफी अच्छा रहता है। आनलाइन पढ़ाई में दिक्कत आती थी।
