शिमला : पूर्व पाषर्द नरेंद्र कुमार नीटू ने जनता की समस्या को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व पाषर्द ने मर्ज्ड एरिया में जनता की समस्या को लेकर महापौर कार्यालय के बाहर धरना दिया। मर्ज्ड एरिया की ग्रांट बंद करने और नगर निगम के साथ लगती पंचायतों में हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी पेयजल सुविधा न देने पर निगम को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि हाइकोर्ट के निर्देशों के बाद भी नए पेयजल कनेक्शन नहीं मिल रहे हैं। इससे पंचायत क्षेत्रों के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जब से भाजपा शासित एमसी शिमला पर काबिज हुई है तब से एमसी के न्यू मर्ज्ड एरिया में मिलने वाली ग्रांट ही बंद हो गई है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन का अलाप रचने वाली भाजपा आज न्यू मर्ज्ड एरिया में मिलने वाली तीन करोड़ की ग्रांट को भी जारी नहीं कर पा रही है। इससे वार्डों में होने वाला विकास कार्य ठप हो गया है। साथ ही स्मार्ट सिटी का दावा करने वाली भाजपा सिर्फ चुनिंदा वार्डों में ही डंगे और अन्य काम हो रहे हैं।

नीटू ने कहा कि नगर निगम जनता की तो दूर हाईकोर्ट की भी नहीं सुन रहा है। ऐसे में किसके पास अपनी फरियाद लेकर जाएं। उधर, उन्होंने नगर निगम की परिधि के साथ लगते पंचायत क्षेत्रों में पानी के नए कनेक्शन न मिलने पर भी एमसी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि निगम के कंगनाधार के साथ लगते क्षेत्र में न तो जल शक्ति विभाग की कोई पेयजल परियोजना है और न ही एमसी से अलग होकर बना जल प्रबंधन निगम भी 2017 के बाद पानी नहीं दे रहा है जबकि हाइकोर्ट के आदेश पर कोई भी विभाग या संस्था बिजली, पानी से वंचित नहीं कर सकता है। आरोप लगाया कि एमसी और जल निगम हाइकोर्ट के आदेशों को भी नहीं सुन रहा है। अब ऐसे में जब तक एमसी की ओर से आश्वासन नहीं मिलता है तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे।
